केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने सोहना के कोटा और बिस्सर गांव को दी 51 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात
सांसद निधि से गोशाला के लिए 11 लाख रुपये की अलग से घोषणा; कहा- 'ग्रामीण विकास से ही समृद्ध भारत का सपना होगा साकार'।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने रविवार को सोहना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव कोटा और बिस्सर में ग्रामीण विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने दोनों गांवों में जनसुविधाओं और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए कुल 51 लाख रुपये की विकास राशि देने का ऐलान किया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाकों का सर्वांगीण विकास ही समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की असली नींव है। उनका हमेशा से यही ध्येय रहा है कि जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे।
गांवों और गोशाला को वित्तीय मदद का विवरण
राव इंद्रजीत सिंह ने दोनों गांवों और स्थानीय गोशाला के लिए सांसद निधि (MPLAD) एवं अन्य विकास फंड से राशि जारी करने की घोषणा की:
गांव कोटा: विकास कार्यों के लिए 21 लाख रुपये की राशि स्वीकृत।
गांव बिस्सर: बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 21 लाख रुपये का अनुदान।
कामधेनु गोशाला (बिस्सर): वार्षिक कार्यक्रम में भाग लेते हुए गोशाला के बुनियादी निर्माण के लिए 11 लाख रुपये की सहायता राशि।
कामधेनु गोशाला में नई सुविधाओं का शुभारंभ और पौधरोपण
बिस्सर स्थित कामधेनु गोशाला के वार्षिक उत्सव में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने वहाँ नवनिर्मित टीन शेड और गोशाला कर्मचारियों के आवास का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने गोशाला परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि गोसेवा और पर्यावरण की रक्षा हमारी संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा हैं।
जनभागीदारी, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों—सरपंचों, ब्लॉक समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों से गांव के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने और ग्रामीणों का सहयोग करने का आह्वान किया।
समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन: उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सरपंच गांव की किसी भी सार्वजनिक समस्या को लेकर सीधे उनसे मिल सकते हैं, जिसका हर संभव समाधान किया जाएगा।
स्वच्छता और पौधरोपण: उन्होंने गांवों में साफ-सफाई बनाए रखने पर विशेष जोर दिया और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की।