ग्रामीण विकास में पारदर्शिता और गति लाएगा डिजिटल तंत्र: मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने 'हिम ई-पंचायत प्रोसिडिंग सिस्टम' की महत्ता पर दिया ज़ोर
हिपा में छह जिलों के अधिकारियों के लिए दो दिवसीय राज्य स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यशाला का शुभारंभ, नियमों की स्पष्टता और बजट के समुचित उपयोग पर विशेष बल।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने ग्रामीण विकास योजनाओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों की क्षमता निर्माण और नियमों की अद्यतन जानकारी को अनिवार्य बताया है। हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में छह जिलों के जिला विकास अधिकारियों (DDOs) और खंड विकास अधिकारियों (BDOs) के लिए आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने यह बात कही।
नियमों की जानकारी का अभाव और बजट का उपयोग
संशोधित दिशानिर्देशों और प्रक्रियाओं की स्पष्ट समझ पर बल देते हुए मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। ऐसे में यदि अधिकारियों को योजनाओं और प्रशासनिक नियमों की पूरी व स्पष्ट जानकारी न हो, तो न केवल विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है, बल्कि स्वीकृत बजट का समुचित और सही दिशा में उपयोग भी नहीं हो पाता। उन्होंने सभी अधिकारियों को जमीनी स्तर पर जवाबदेही और कार्यकुशलता के साथ काम करने के निर्देश दिए।
डिजिटल क्रांति: 'हिम ई-पंचायत प्रोसिडिंग सिस्टम' से बढ़ेगी पारदर्शिता
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के निदेशक राघव शर्मा ने विभाग द्वारा उठाए जा रहे डिजिटल कदमों की जानकारी दी।
डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग: 'हिम ई-पंचायत प्रोसिडिंग सिस्टम' (Him e-Panchayat Proceeding System) के लागू होने से त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद) की बैठकों का एजेंडा, कार्यवृत्त और पूरी कार्यवाही अब ऑनलाइन दर्ज की जाएगी।
पारदर्शिता और सुरक्षा: इस प्रणाली से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि पंचायतों के महत्वपूर्ण प्रशासनिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे और आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
विकसित भारत-जी राम जी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन
कार्यशाला के दौरान मंत्री ने 'विकसित भारत-जी राम जी योजना' के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचाना ही इस प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य ध्येय है।
निष्कर्ष:
दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों को आधुनिक प्रशासनिक तकनीकों, डिजिटल सिस्टम और नियमों की अद्यतन जानकारी से लैस करना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याणकारी योजनाओं को बिना किसी विलंब के धरातल पर उतारा जा सके।
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