मानसून में स्वाइन फ्लू का तांडव: देश के कई राज्यों में तेजी से बढ़े H1N1 के मामले, जानें अपने शहर का हाल

01 Sep 2026
मानसून में स्वाइन फ्लू का तांडव: देश के कई राज्यों में तेजी से बढ़े H1N1 के मामले, जानें अपने शहर का हाल

कर्नाटक, दिल्ली और महाराष्ट्र बने मुख्य केंद्र; ICMR का आश्वासन—नया स्ट्रेन नहीं, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी।

 

 

देश भर में मानसून की दस्तक के साथ ही स्वाइन फ्लू (H1N1) और इन्फ्लुएंजा के मामलों में चिंताजनक उछाल दर्ज किया गया है। दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ सहित कई राज्यों में आंकड़े पिछले साल की तुलना में तेजी से बढ़े हैं। हालांकि, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी नए या खतरनाक स्ट्रेन की पुष्टि नहीं हुई है; वर्तमान में फैल रहा वायरस (H1N1 pdm09) पहले से ही मौजूद है।

राज्यवार स्थिति और मुख्य आंकड़े

कर्नाटक: राज्य में 24 अगस्त तक सर्वाधिक 4,428 मामलों की पुष्टि हुई है। जुलाई से सितंबर के बीच संक्रमण का दूसरा दौर देखा जा रहा है।

दिल्ली: स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 27 अगस्त तक कुल 2,729 H1N1 मामले दर्ज किए गए, जबकि इन्फ्लुएंजा A और B के कुल आंकड़े 3,736 तक पहुंच गए हैं।

महाराष्ट्र: 21 अगस्त तक 1,109 मामले सामने आ चुके हैं, जो पूरे 2025 (942 केस) के आंकड़े को पार कर चुके हैं। मुंबई और पुणे कुल मामलों के 65% केंद्र बने हुए हैं।

राजस्थान: अगस्त माह में इस साल के सर्वाधिक 55 मरीज मिले, जिससे कुल संख्या 146 तक पहुंच गई है।

उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ में बलरामपुर अस्पताल में एक मौत के बाद नए मरीज सामने आए हैं। राज्य सरकार ने सभी 75 जिलों में निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है।

हरियाणा व चंडीगढ़: गुरुग्राम में 12 तथा चंडीगढ़ में इस साल अब तक 14 मामले सामने आए हैं।

पश्चिम बंगाल: कोलकाता में भी पिछले कुछ हफ्तों में बारिश के साथ तेज बुखार, सांस की तकलीफ और डायरिया के लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।

लक्षण और बचाव के उपाय

स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में लगातार तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, शरीर में जोड़ों व मांसपेशियों का तेज दर्द और डायरिया (दस्त) शामिल हैं।

मास्क का उपयोग करें: भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनें।

हाथों की स्वच्छता: नियमित रूप से साबुन या सैनिटाइजर से हाथ साफ करें।

दूरी बनाएं: फ्लू के लक्षण वाले व्यक्तियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

डॉक्टरी सलाह: लक्षण महसूस होते ही बिना देरी किए आरटी-पीसीआर (RT-PCR) जांच और योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।


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