प्राचीन मूल्यों से आधुनिक लोकतंत्र: NCERT की कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक 'राम राज्य' और 'सेंगोल' से कराएगी रूबरू
रामायण, महाभारत और चोल परंपरा से लेकर NEP 2020 तक — अब स्कूली छात्र इतिहास की घटनाओं से आगे बढ़कर भारत में शासन व्यवस्था के वैचारिक विकास को गहराई से समझेंगे।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत कक्षा 9 के लिए सामाजिक विज्ञान की नई पुस्तक 'अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड–पार्ट 2' (Understanding Society: India and Beyond–Part 2) जारी की है। 153 पृष्ठों की यह पुस्तक केवल पारंपरिक इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र के अलग-अलग अध्यायों तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को भारत की प्राचीन शासन परंपराओं से लेकर आधुनिक लोकतांत्रिक प्रणालियों के विकास की एक एकीकृत यात्रा पर ले जाती है।
प्राचीन अवधारणाओं से आधुनिक लोकतंत्र की यात्रा
पुस्तक के चतुर्थ अध्याय ‘गवर्नेंस एंड पब्लिक पॉलिसी’ (Governance and Public Policy) में भारत में शासन व्यवस्था के क्रमिक विकास को दर्शाया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि भारत में सुशासन की अवधारणा आधुनिक संविधान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें हमारे प्राचीन चिंतन में गहराई से समाहित हैं:
ऐतिहासिक एवं दार्शनिक स्रोत: इसमें महाभारत, रामायण, मुंडक उपनिषद, कौटिल्य के अर्थशास्त्र और चोल राजवंश की व्यवस्थाओं का संदर्भ दिया गया है।
वैचारिक विकास: छात्रों को समझाया गया है कि किस प्रकार वैदिक काल की ‘सभा’ और ‘समिति’, ‘राम राज्य’ तथा ‘राजधर्म’ जैसे विचार समय के साथ विकसित होकर आधुनिक जन-भागीदारी आधारित संविधान और लोकतांत्रिक शासन में परिवर्तित हुए।
महात्मा गांधी का 'राम राज्य' और 'सेंगोल' की सांस्कृतिक परंपरा
पुस्तक में शासन और लोक नीति के आदर्श मॉडलों को समझाने के लिए विशिष्ट सांस्कृतिक व ऐतिहासिक संदर्भ शामिल किए गए हैं:
गांधीजी का ‘राम राज्य’ (आदर्श शासन का मॉडल): पुस्तक में महात्मा गांधी के ‘राम राज्य’ के विचार को किसी धार्मिक संदर्भ के रूप में नहीं, बल्कि नैतिक और जन-केंद्रित शासन मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें ईमानदारी, पारदर्शिता, करुणा और जनकल्याण को सार्वजनिक नीति के मूल में रखने पर बल दिया गया है।
सेंगोल (राजदंड) परंपरा: अध्याय में सेंगोल को सुशासन और सत्ता के हस्तांतरण के सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में रेखांकित किया गया है।
चोल राजवंश से जुड़ाव: राजदंड के रूप में सेंगोल के प्रयोग की परंपरा चोल काल से चली आ रही है।
ऐतिहासिक संदर्भ: 1947 में भारत की स्वतंत्रता के अवसर पर तमिलनाडु के अधीनम संतों द्वारा पंडित जवाहरलाल नेहरू को सेंगोल सौंपने और वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नए संसद भवन में इसकी स्थापना का विशेष उल्लेख किया गया है, जो आधुनिक लोकतंत्र का प्राचीन मूल्यों से जुड़ाव दर्शाता है।
आधुनिक नीतियां और जन-भागीदारी के उदाहरण
पुस्तक में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ वर्तमान समय की प्रमुख नीतियों को व्यावहारिक उदाहरण के रूप में शामिल किया गया है:
| नीति / योजना | मुख्य विशेषताएं एवं संदर्भ |
|---|---|
| NEP 2020 (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) | 'डोंट मिस आउट' खंड में शामिल। 2.5 लाख ग्राम पंचायतों, 6,600 ब्लॉक, 6,000 अर्बन लोकल बॉडीज और 676 जिलों से परामर्श तथा लगभग 2 लाख सुझावों के आधार पर तैयार व्यापक लोक नीति का उदाहरण। |
| अन्य प्रमुख नीतियां | नेशनल हेल्थ पॉलिसी 2017, खेलो भारत नीति, ई-गवर्नेंस पहल और आयुष्मान भारत (PM-JAY)। |
शिक्षा प्रणाली में दूरगामी बदलाव
NCERT की यह नई पुस्तक छात्रों को केवल तथ्यों को रटने के बजाय भारत की समृद्ध राजनीतिक विरासत, नीति-निर्माण की प्रक्रियाओं और आधुनिक सुशासन में नागरिक भागीदारी के महत्व को समझने में मदद करेगी।
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